Ghuspaithiye

byPurnima Sharma

Detect, Delete, Deport | घुसपैठिए: डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट

Detect, delete, deport — illegal infiltration, fake IDs, and the citizenship fight India can no longer postpone.

Buy on GarudaLife

Overview

-:किताब के बारे में:-

दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती है अपने नागरिकों को रोजगार, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा के अवसर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना. भारत के नागरिकों के हिस्से के संसाधनों में सेंध लगा रहे हैं, फर्जी पहचान पत्र की आड़ में छिपे घुसपैठिए. दुनिया में ऐसा कौन सा देश है, जहां करोड़ों घुसपैठिए फैले हों? घुसपैठियों का भारत में होना भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों पर प्रहार है. विशेषकर तब, जब वे फर्जी वोटर बनकर भारत की चुनावी राजनीति को प्रभावित करने लगते हैं. इसके अलावा घुसपैठिए पर्यावरण से जुड़ी तमाम समस्याएं भी पैदा करते हैं. घुसपैठ को समाप्त करने में जनता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी. विस्तार से जानने के लिए पुस्तक के पन्ने पलटिए!

"इस संवेदनशील व राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर पूर्णिमा का निरंतर और गंभीर कार्य वास्तव में सराहनीय है."

— शशांक, पूर्व विदेश सचिव

"घुसपैठ की राष्ट्रीय समस्या पर अध्ययन, मनन और गहरे अन्वेषण से भरी-पूरी है यह पुस्तक."

— रामबहादुर राय, अध्यक्ष, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र

"पुस्तक में विश्वसनीय स्रोतों और डेटा से उभरती तस्वीर पाठकों को सोचने के लिए बाध्य करती है."

— एनएस जामवाल, पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल

"पूर्णिमा ने तथ्यों सहित समस्या को गहराई से पकड़ा है. उम्मीद है यह किताब हम सबको जगाएगी."

— प्रो गोविंद सिंह, पूर्व डीन, अकादमिक, आईआईएमसी

"पूर्णिमा ने घुसपैठ की जटिल समस्या का न केवल विश्लेषण किया, बल्कि ठोस समाधान भी सामने रखे हैं."

— आशा खोसा, वरिष्ठ पत्रकार

"यह पुस्तक लेखिका के गहन शोध और विषय के प्रति समर्पण का परिणाम है."

— प्रणव सिरोही, सीनियर डिप्टी एडिटर, दैनिक जागरण

 

Author

Purnima Sharma photo
Purnima Sharma

पूर्णिमा शर्मा एक अवॉर्ड-विनिंग टीवी पत्रकार, लेखक और पिछले 22 वर्षों से मीडिया पेशेवर है. उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख समाचार संगठनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं, जिनमें मिशिगन स्थित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में संपादकीय निदेशक के रूप में उनकी भूमिका शामिल है. इससे पहले वे भारत के अग्रणी नेटवर्क जैसे आज तक, जी बिजनेस से भी जुड़ी रही हैं. पूर्णिमा ने जेंडर पॉलिटिक्स में एमफिल की उपाधि प्राप्त की है. इमिग्रेशन पॉलिसी, डेमोग्राफिक बदलाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पूर्णिमा शर्मा के सारगर्भित लेख देश के जाने-माने समाचार पत्रों - नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, नवोदय टाइम्स, पंजाब केसरी के अलावा न्यूज18 इंडिया के ऑनलाइन संस्करण में भी छपे हैं. पूर्णिमा ने अपने यूट्यूब चैनल 'द मीडिया' के माध्यम से खोजी पत्रकारिता की सशक्त मिसाल पेश करते हुए घुसपैठ जैसे संवेदनशील मुद्दे को परत-दर-परत उजागर किया है.

View Author Profile
WA