मुनीश त्रिपाठी का जन्म कानपुर देहात के सदरामऊ में हुआ। कालान्तर में इनका परिवार औरैया जनपद के दिबियापुर कस्बे में बस गया। एमएससी (भौतिक विज्ञान) से करने के बाद इन्होंने मास मीडिया और पत्रकारिता मनीश की पढ़ाई की, जिसके बाद इन्हनि देश-प्रदेश के कई प्रतिष्ठित न्यूज चैनलों के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में सशक्त रिपोर्टिंग कई सालों तक की। इन्होंने कई घोटालों का भी पर्दाफाश किया, जिनमें मैनपुरी का बहुचर्चित 'मिडडे मील' घोटाला भी शामिल है। इस घोटाले में कई आईएएस और वरिष्ठ अधिकारी जेल गए। शोध-आधारित "विभाजन की त्रासदी" इनकी पहली पुस्तक है, जो भारत के दुखद विभाजन के विषय से सम्बन्धित है। इस पुस्तक के लिए उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने इन्हें प्रतिष्ठित "के एम मुंशी" पुरस्कार प्रदान किया। इसके अलावा औरैया जनपद प्रशासन ने पत्रकारिता और साहित्य में औरैया रत्न' से भी इन्हें विभूषित किया है। इनके लिखे स्तम्भ कई वर्षों से प्रमुख समाचार पत्रों में प्रति सप्ताह प्रकाशित होते रहे हैं। लेखक कई बड़े सामाजिक संगठनों में भी सक्रिय हैं।
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